मेरी चाहत मेरा अहसास - लिप्सा कौर

                                मेरी चाहत मेरा अहसास 

                                                       लिप्सा कौर 

तुम्हारा हाथ अपने हाथों मे लेकर मैं. 
वक्त से ज्यादा तुम्हे थामना चाहती हूँ  !
पर मैं जानती हूँ 
हाँ वक्त बड़ा बलवान है, 
मजबूत है, 
सर्वाधिक दाता है वो. 
पर ये भी माना है मैंने ,
की जो की सृष्टि का नियम है -
जो आया है, उसने जाना ही है, 
ओर उसका जाना निश्चित है. 
पर कोशिश है मेरी, 
तुझे थामु मैं ता उम्र --
की वक्त भी ये झुक जाये इस क़दर 
की आने वाले कई जन्म तेरा मेरा साथ रहे !
अब तो खुदा से यही दुआ है मेरी, 
काश ये वक्त यही रुक जाये 
और थमा रहे तेरा हाथ मेरे हाथों मे यु ही  !

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मेरी छोटी सी ये कोशिश है की. मै अपनी कविताओं 
के माध्यम से लोगो ताक पहुंचा सकूँ की. उनके अनुभव उनकी सोच को 
जागरूक बना सकूँ !

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