मेरी चाहत मेरा अहसास - लिप्सा कौर
मेरी चाहत मेरा अहसास
लिप्सा कौर
तुम्हारा हाथ अपने हाथों मे लेकर मैं.
वक्त से ज्यादा तुम्हे थामना चाहती हूँ !
पर मैं जानती हूँ
हाँ वक्त बड़ा बलवान है,
मजबूत है,
सर्वाधिक दाता है वो.
पर ये भी माना है मैंने ,
की जो की सृष्टि का नियम है -
जो आया है, उसने जाना ही है,
ओर उसका जाना निश्चित है.
पर कोशिश है मेरी,
तुझे थामु मैं ता उम्र --
की वक्त भी ये झुक जाये इस क़दर
की आने वाले कई जन्म तेरा मेरा साथ रहे !
अब तो खुदा से यही दुआ है मेरी,
काश ये वक्त यही रुक जाये
और थमा रहे तेरा हाथ मेरे हाथों मे यु ही !
-------------- ***** ----------------------*****
- मेरी छोटी सी ये कोशिश है की. मै अपनी कविताओं
के माध्यम से लोगो ताक पहुंचा सकूँ की. उनके अनुभव उनकी सोच को
जागरूक बना सकूँ !
लिप्सा कौर
तुम्हारा हाथ अपने हाथों मे लेकर मैं.
वक्त से ज्यादा तुम्हे थामना चाहती हूँ !
पर मैं जानती हूँ
हाँ वक्त बड़ा बलवान है,
मजबूत है,
सर्वाधिक दाता है वो.
पर ये भी माना है मैंने ,
की जो की सृष्टि का नियम है -
जो आया है, उसने जाना ही है,
ओर उसका जाना निश्चित है.
पर कोशिश है मेरी,
तुझे थामु मैं ता उम्र --
की वक्त भी ये झुक जाये इस क़दर
की आने वाले कई जन्म तेरा मेरा साथ रहे !
अब तो खुदा से यही दुआ है मेरी,
काश ये वक्त यही रुक जाये
और थमा रहे तेरा हाथ मेरे हाथों मे यु ही !
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- मेरी छोटी सी ये कोशिश है की. मै अपनी कविताओं
के माध्यम से लोगो ताक पहुंचा सकूँ की. उनके अनुभव उनकी सोच को
जागरूक बना सकूँ !
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